Latest Updates: Bihar में नीतीश-मोदी का जलवा बरकरार… NDA की लहर में PK हुए फेल, कांग्रेस और ओवैसी भी हुए बेअसर
Bihar Election Result 2025 की मतगणना शुरू होते ही सियासी तस्वीर बेहद रोमांचक होती जा रही है। सुबह 8 बजे जैसे ही काउंटिंग शुरू हुई, शुरुआती पोस्टल बैलेट के रुझानों ने ही संकेत दे दिया कि इस बार मुकाबले में एनडीए भारी पड़ने वाला है। धीरे-धीरे रुझान जैसे-जैसे आगे बढ़ते गए, एनडीए की बढ़त लगातार मजबूत होती चली गई और उसने दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया।
वहीं दूसरी ओर तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाला महागठबंधन अपने पिछले चुनावी प्रदर्शन से भी पिछड़ता हुआ दिखाई दे रहा है। कई सीटों पर हर राउंड के बाद बढ़त बदलती रही, लेकिन जिस धार के साथ एनडीए आगे बढ़ा, उसने चुनावी पलड़ा साफ तौर पर एक तरफ झुका दिया।
8 am: Postal ballots give NDA a strong start - (सुबह 8 बजे: पोस्टल बैलेट ने दी NDA को मजबूत शुरुआत)
मतगणना की शुरुआत पोस्टल बैलेट से हुई और शुरुआती ट्रेंड में ही साफ हो गया कि नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गठबंधन मजबूत स्थिति में है। शुरुआती आधे घंटे में ही एनडीए करीब 100 सीटों पर आगे हो गया।
Counting शुरू होते ही मिली इस बढ़त ने महागठबंधन के खेमे में निराशा और एनडीए खेमे में उत्साह भर दिया।
Till 9 am: Trends Show NDA's strong lead, BJP ahead - (सुबह 9 बजे तक: रुझानों में NDA की दमदार लीड बीजेपी आगे)
सुबह 9 बजे तक की तस्वीर इस प्रकार थी:
- एनडीए (कुल): 68 सीटों पर आगे
- आरजेडी: 56 सीटों पर आगे
- कांग्रेस: 8 सीटों पर बढ़त
- वीआईपी: 1 सीट पर आगे
- महागठबंधन की अन्य पार्टियां: 4 सीटों पर आगे
यह शुरुआती तस्वीर दिखा रही थी कि मुकाबला बीजेपी और आरजेडी के बीच कड़ा है, लेकिन बढ़त का पलड़ा लगातार एनडीए की तरफ झुक रहा था।
9:24 AM: BJP Crosses Majority Mark - (9:24 AM: बीजेपी पार कर गई बहुमत का आंकड़ा)
9:24 बजे तक के रुझानों ने चुनावी माहौल को हिला दिया।
- बीजेपी अकेले 138 सीटों पर आगे
- महागठबंधन सिर्फ 76 सीटों पर सिमटा
इस मजबूत बढ़त ने यह संकेत दे दिया कि राज्य में इस बार परिणाम 2020 के मुकाबले बिल्कुल अलग होंगे।
10:30 AM: NDA '160 plus' contest starts becoming one-sided - (10:30 AM: NDA ‘160 पार’ टक्कर एकतरफा होने लगी)
10:30 बजे तक रुझान ठोस हो चुके थे।
- एनडीए: 191 सीटों पर बढ़त
- महागठबंधन: 47 सीटों तक सिमटा
इन आंकड़ों ने यह साफ कर दिया कि एनडीए दो-तिहाई बहुमत की ओर बढ़ चुका है, और विपक्ष कहीं भी प्रतिरोध खड़ा नहीं कर पा रहा है।
वहीं महागठबंधन में भी सबसे अच्छा प्रदर्शन आरजेडी का था, जो 35 सीटों पर आगे चल रही थी।
कांग्रेस ने 61 सीटों पर लड़ाई लड़ी, लेकिन वह सिर्फ 5 सीटों पर ही बढ़त हासिल कर सकी।
वीआईपी जैसे सहयोगी दलों का प्रदर्शन भी बेहद खराब रहा और वह लगभग शून्य पर दिख रही थी।
Jan Suraaj Party (PK) and AIMIM performed poorly. - (जन सुराज पार्टी (PK) और AIMIM का प्रदर्शन फीका)
प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज (JSP) जिनके चुनावी वादों और प्रचार ने काफी चर्चा बटोरी, वह रुझानों में फर्श पर नजर आ रही है।
- JSP सिर्फ 2–3 सीटों पर ही आगे है।
इसी तरह असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM भी एक या दो सीटों पर आगे दिख रही है, लेकिन प्रभाव बहुत सीमित है।
Inside Picture of NDA: JDU vs BJP, who is the Elder brother? - (एनडीए के अंदर की तस्वीर: JDU vs BJP कौन बड़ा भाई?)
एक महत्वपूर्ण सवाल यह भी था कि एनडीए के भीतर ’बड़ा भाई’ कौन होगा?
2020 के चुनाव में भी यह मुद्दा काफी चर्चा में रहा था। शुरुआती रुझानों में:
- बीजेपी 83 सीटों पर आगे
- JDU करीब 74 सीटों पर आगे
इससे यह स्पष्ट है कि इस बार JDU पिछड़ती दिख रही थी और बीजेपी एक बार फिर एनडीए का बड़ा चेहरा बनकर उभर रही थी।
Smaller NDA Allies also Showing their Strength - (एनडीए के छोटे सहयोगी भी दम दिखाते हुए)
एनडीए के अन्य सहयोगियों का प्रदर्शन भी सकारात्मक रहा:
- एलजेपी (रामविलास): 14 सीटों पर बढ़त
- हम पार्टी (जीतनराम मांझी): 3 सीटों पर आगे
इन दोनों दलों का प्रदर्शन एनडीए की कुल बढ़त को और मजबूत कर रहा था।
Grand Alliance Status: RJD ahead, Congress in trouble - (महागठबंधन की स्थिति: आरजेडी आगे, कांग्रेस मुश्किल में)
महागठबंधन के अंदर की स्थिति भी दिलचस्प रही:
- आरजेडी: शुरू में 35–42 सीटों पर आगे
- कांग्रेस: सिर्फ 5–8 सीटों पर आगे
- वीआईपी: लगभग शून्य
साफ है कि महागठबंधन के वोटबैंक में कांग्रेस की कमजोरी और वीआईपी की असफलता ने पूरे गठबंधन को कमजोर किया।
2025 Elections: What do the trends indicate? - (2025 का चुनाव: रुझानों से क्या मिलता है संकेत?)
मतदान के रिकॉर्ड आंकड़ों और शुरुआती रुझानों का संयुक्त विश्लेषण बताता है कि:
- बिहार की जनता ने इस बार बड़े पैमाने पर मतदान किया।
- बढ़ी हुई वोटिंग का फायदा सीधे तौर पर एनडीए को मिला।
- तेजस्वी यादव की उम्मीदों को शुरू में ही बड़ा झटका लगा।
- कांग्रेस का प्रदर्शन महागठबंधन को कमजोर करने वाला साबित हुआ।
- बीजेपी इस बार बिहार में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर रही है।
What are the reasons for the big wave of NDA? - (NDA की बड़ी लहर कारण क्या हैं?)
रुझानों को देखते हुए कई कारण सामने आते हैं:
1. मोदी-नीतीश फैक्टर
दोनों नेताओं की संयुक्त रैलियों और मजबूती का असर ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में दिखा।
दोनों नेताओं की संयुक्त रैलियों और मजबूती का असर ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में दिखा।
2. महागठबंधन की अंदरूनी कमजोरी
कांग्रेस की सीटों पर खराब प्रदर्शन और सहयोगियों का बिखराव।
कांग्रेस की सीटों पर खराब प्रदर्शन और सहयोगियों का बिखराव।
3. बढ़ा मतदान प्रतिशत
इस बार पहले चरण में 64% से अधिक मतदान हुआ। इतिहास बताता है कि जब-जब मतदान बढ़ा है, बदलाव की लहर चलती है।
इस बार पहले चरण में 64% से अधिक मतदान हुआ। इतिहास बताता है कि जब-जब मतदान बढ़ा है, बदलाव की लहर चलती है।
4. NDA का संगठित बूथ मैनेजमेंट
बीजेपी और JDU की जमीनी पकड़ बेहद मजबूत रही।
बीजेपी और JDU की जमीनी पकड़ बेहद मजबूत रही।
5. जन सुराज और AIMIM का वोट कटवा असर
इन दोनों पार्टियों की मौजूदगी ने विपक्ष का वोट बैंक कई जगहों पर नुकसान पहुंचाया।
इन दोनों पार्टियों की मौजूदगी ने विपक्ष का वोट बैंक कई जगहों पर नुकसान पहुंचाया।
Is the Power Equation in Bihar set to change in 2025? - (क्या 2025 में बिहार की सत्ता का समीकरण बदलना तय?)
रुझानों से यह लगभग साफ हो चुका है कि:
- एनडीए दो-तिहाई बहुमत की ओर बढ़ रहा है।
- महागठबंधन बहुत पीछे छूट चुका है।
- JDU और बीजेपी की संयुक्त ताकत इस चुनाव को एकतरफा बनाती दिख रही है।
यह नतीजे अगर अंतिम रूप से इसी तरह रहे तो बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
Conclusion - (निष्कर्ष)
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के शुरुआती रुझान बेहद रोमांचक हैं, लेकिन एक बात पूरी तरह स्पष्ट है –
एनडीए बिहार में शानदार वापसी करते हुए भारी बहुमत की ओर बढ़ रहा है।
महागठबंधन के लिए यह चुनाव निराशाजनक प्रतीत हो रहा है, जबकि बीजेपी और नीतीश कुमार की JDU दोनों इस चुनाव में बड़ी जीत दर्ज करने की ओर अग्रसर हैं।
प्रशांत किशोर, AIMIM और छोटे दलों को भी इस चुनाव ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि बिहार की राजनीति में जगह बनाना आसान नहीं है।








