कभी थे साथी, आज बने प्रतिद्वंद्वी; लालू ने राम कृपाल और श्याम रजक के खिलाफ किया प्रचार
कभी साथी रहे, आज विरोधी बन चुके हैं — रामकृपाल यादव और श्याम रजक ऐसे दो नाम हैं, जो कभी राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के सबसे भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते थे। लेकिन अब दोनों ही नेता अलग दलों में हैं और लालू यादव के विरोधी बन चुके हैं। बिहार चुनाव 2025 में लालू यादव ने इन्हीं दोनों के खिलाफ खुलकर प्रचार किया है।
दानापुर सीट से रामकृपाल यादव बीजेपी प्रत्याशी हैं, जबकि फुलवारी शरीफ सीट से श्याम रजक जेडीयू उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं।
The Changing Political Landscape - (बदलती सियासत की तस्वीर)
बिहार की सियासत में कब दोस्त दुश्मन बन जाए और दुश्मन अपना – यह कोई नहीं जानता। इस बार बिहार चुनाव में कुछ ऐसी ही कहानी दोहराई जा रही है। कभी राजद के अहम चेहरों में रहे रामकृपाल यादव और श्याम रजक अब अलग-अलग राजनीतिक दलों में लालू यादव के खिलाफ खड़े हैं। पहले चरण के प्रचार के आखिरी दिन लालू यादव ने फुलवारी शरीफ में महागठबंधन के सीपीआई-माले उम्मीदवार गोपाल रविदास के समर्थन में रोड शो किया और वोट मांगे।
Lalu's Attack on Shyam Rajak - (श्याम रजक पर लालू का हमला)
फुलवारी शरीफ में चुनाव प्रचार के दौरान Lalu Yadav – (लालू यादव) ने Shyam Rajak – (श्याम रजक) पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “जो लोग बार-बार पार्टी बदलते हैं, वे जनता के हितैषी नहीं हो सकते।” लालू ने मतदाताओं से महागठबंधन के प्रत्याशी गोपाल रविदास को भारी बहुमत से जिताने की अपील की।
कभी श्याम रजक लालू के बेहद करीबी माने जाते थे और राजद में उनकी खास पहचान थी, लेकिन बाद में वे जदयू में शामिल हो गए। अब वे जेडीयू उम्मीदवार के रूप में फुलवारी शरीफ से चुनाव लड़ रहे हैं।
Ritlal vs Ramkripal in Danapur - (दानापुर में रीतलाल बनाम रामकृपाल)
3 अक्टूबर को लालू यादव (Lalu Yadav) ने दानापुर के मौजूदा विधायक और राजद प्रत्याशी रीतलाल यादव के लिए प्रचार किया। इस दौरान उन्होंने अपने पुराने साथी और अब भाजपा प्रत्याशी रामकृपाल यादव पर तीखा हमला बोला और उन्हें विश्वासघाती बताया। लालू ने जनता से अपील की कि वे राजद उम्मीदवार को भारी मतों से जिताएं।
हालांकि रीतलाल यादव इस समय भागलपुर जेल में बंद हैं, फिर भी लालू यादव उनके पक्ष में खुलकर मैदान में उतरे।
इस पर रामकृपाल यादव ने पलटवार करते हुए कहा – “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि लालू यादव एक आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार के लिए प्रचार कर रहे हैं। उनका प्रत्याशी जेल में है, फिर भी वे उसका समर्थन कर रहे हैं।”
Grand Alliance Victory in 2020 - (2020 में महागठबंधन की जीत)
2020 के विधानसभा चुनाव में दानापुर सीट से राजद के रीतलाल यादव विजेता रहे थे, जबकि फुलवारी शरीफ सीट से सीपीआई-माले के गोपाल रविदास ने जीत दर्ज की थी। उस समय जेडीयू के अरुण मांझी दूसरे स्थान पर थे।
वहीं 2024 के लोकसभा चुनाव में लालू यादव (Lalu Yadav) की बेटी मीसा भारती ने पाटलिपुत्र सीट से बीजेपी उम्मीदवार रामकृपाल यादव को हराया था।
अब 2025 के विधानसभा चुनाव में फिर एक बार वही मुकाबला गर्म है — लालू यादव अपने पुराने साथियों रामकृपाल और श्याम रजक के खिलाफ चुनावी रणभूमि में हैं।








